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श्री एचबी अवस्थी

श्री एचबी अवस्थी

श्री एचबी अवस्थी

 संस्थापक

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श्री कमल राजवार

श्री एचबी अवस्थी

श्री एचबी अवस्थी

 अध्यक्ष

कुर्मान चल परिषद्

  

केंद्रीय कूर्माञ्चल परिषद ने अनेक शाखाओं का गठन कर जन-जन तक कुमाऊँनी संस्कृति, रीति रिवाज, खान पान, रहन सहन, भाषा (बोली) की प्रचारित करते जुए अनेक कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को संगठित किया, ज्सिसके फलस्वरूप कूर्माञ्चल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद, प्रमुखता से सांस्कृतिक व सामाजिक संस्था के रूप मेंअपना स्थान देहरादून में स्थापित करने में सफल हो सकी है। दिनांक 8 मई 1988 को संस्था का विधिवत प्रथम आम चुनाव श्री आनंद कुमार जोशी जी (सेवानिवृत डी0आई0जी0) की देखरेख में सम्पन्न किया गया जिसमें निम्नलिखित कार्यकारिणी का गठन किया गया –

1 अध्यक्ष –स्व0 श्री तारा चरण जोशी, उपाध्यक्ष –स्व0 कर्नल गोपाल सिंह बोहरा, 3 सचिव श्री आर एस परिहार, 4 सह सचिव – श्री मोहन चन्द्र पाठक, 5 भण्डारी : श्री बद्री प्रसाद पंत, 6 कोषाध्यक्ष – श्री किशन चन्द्र जोशी, 7 लेखा परीक्षक – श्री पूरन चन्द्र पंत ,8 विधि सचिव- श्री योगेश पंत, 9 सांस्कृतिक सचिव – श्री हरीश चन्द्र पांडे (एम ई एस ), 10 सांस्कृतिक उपसचिव- श्री शिव दत्त जोशी संगठन द्वारा समिति का गठन निम्न प्रकार किया गया जिससे क्षेत्रों में प्रसार हो सके। श्री हरगोविंद प्रसाद पांडे, श्री बद्री प्रसाद पंत , श्री प्रकेश चन्द्र पांडे, श्री लीलाधर कांडपाल, श्री धर्मानंद पंत, कैप्टन भैरव सिंह, कैप्टन धन सिंह रौतेला, श्री प्रमोद कुमार पांडे, श्री रेमेश चन्द्र जोशी, श्री चंद लाल शाह , श्री हरी बल्लभ अवस्थी, श्री रमेश चन्द्र पंत, श्री रेवधर पांडे, श्री धर्मानंद तिवारी, श्री महेश चन्द्र लोहानी, श्री देवेन्द्र चन्द्र जोशी, श्री खीम सिंह बिष्ट, व श्री पूरन सिंह नेगी। 

3 फरवरी 1993 की केंद्रीय परिषद की आम सभा में सदस्यों द्वारा प्रस्ताव लाया गया की देहरादून में सभी सामाजिक, धार्मिक,सांस्कृतिक संगठनो ने अपने –सपने समाज के हितों का ध्यान रखते हुए धर्मशालायें, गुरुद्वारा, मस्जिद , चर्च व सांस्कृतिक भवनों के निर्माण की व्यवस्था की है, एकमात्र कुमाऊँनी समाज द्वारा कोई भी प्रयास नहीं किया गया है। जबकि देहरादून व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों की संख्या में कुर्माचलीय परिवार स्थायी रूप से निवास कर रहे है। इस प्रस्ताव को अत्यधिक गंभीरता से लेते हुए शहर में कूर्माचल भवन निमार्ण करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। संस्था ने इस कार्य को अपना लक्ष्य रखा तथा भवन हेतु भूमि की तलाश सक्रियता से की गयी। सन 1996 -1998 के कार्यकाल में पुन: संस्था के पदाधिकारी व सदस्यों द्वारा युद्ध स्तर पर प्रयास किया गया जिसमें श्री आर एस परिहार (पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष) सिलिंग कार्यालय में कार्यरत श्री गिरीश चन्द्र भट्ट व श्री कौस्तुभ पाठक के सायोग से शहर की सिलिंग की भूमि की जानकारी प्राप्त हो सकी। तत्कालीन जिलाधिकारी श्री प्रताप सिंह व सिलिंग के अधिकारी श्री जीपी के सकारात्मक सहयोग से शहर की सभी सिलिंग भूमि दिखाई गयी। अन्त में राजपुर रोड में मधुबन होटल के पीछे सालावाला क्षेत्र में संस्था के लिए उपयुक्त भूमि प्रसवित की गयी जिसके लिए प्रस्ताव भेजकर लखनऊ, उत्तर प्रदेश के संबधित विभाग को भूमि आवंटन हेतु प्रस्ताव भेजा गया। इस भूमि की लागत उस समय मात्र 38 हजार रुपए थी।

9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड राज्य का गठन होने पीआर लखनऊ से प्रस्ताव यहां वापस भेजा दिया गया। सन 2002 में संस्थ की प्रस्तावित भूमि पीआर भूमाफियाओं द्वारा अपने नाम पर भूमि की रजिस्ट्री करा ली गयी। संस्था की ओर से कोई विरोध ने होने के कारण संस्था को प्रस्तावित भूमि से वंचित होना पड़ा।

सन 2002-2003 के बाद नई कार्यकारिणी के गठन के पश्चात पुन: युद्ध स्तर पर प्रयास किये गये जिसमें विशेष सहयोग श्री गोविंद बल्लभ पांडे जी एवं श्रीमती पार्वती धामी जी का रहा है । इनके द्वारा कांवली ग्राम, जनरल महादेव सिंह रोड पर नगर निगम की भूमि जो लगभग 2 बीघा थी, बतायी गयी और इसे प्राप्त करने हेतु विशेष प्रयास किये गये। तकालीन मुख्य उत्तराखंड मा0 श्री नारायण दत्त तिवारी जी व स्व0 श्री कैलाश चंद पंत जी विशेष कार्याधिकारी मुख्यमंत्री के विशेष प्रयास से उक्त भूमि संस्था के स्वीकृत हो सकी किन्तु संस्था को नगर निगम से भूमि प्राप्त करने में एक वर्ष से अधिक का समय लगा। इस कार्य में मा0 श्री हरीश रावतजी वर्तमान मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार तथा मा0 श्री उमेश शर्मा (डिप्टी मेयर) वर्तमान मे विधायक, श्री आर एस परिहार (पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष), श्री गोविंद बल्लभ पांडे , श्री के एन पंत जी, श्रीमती लक्ष्मी रजवार जी (पार्षद), श्रीमती दीपा साह (पार्षद), आदि के सहयोग के फलस्वरूप भूमि की रजिस्ट्री संस्था के नाम पर हो सकी। 

तत्कालीन मुख्यमंत्री उत्तराखंड मा0 श्री नारायण दत्त तिवारी जी, मा0 श्री दिनेश अग्रवाल जी, मा0 मंत्री उत्तराखंड सरकार , मा0 गणेश जोशी जी वर्तमान विधायक द्वारा भवन निर्माण व आँय बाधाओं को दूर करने में भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ जिसके फलस्वरूप दिनांक 23.10.2004 को तत्कालीन मुख्यमंत्री उत्तराखंड मा0 श्री नारायण दत्त तिवारी जी, मा0 श्री भगत सिंह कोशियारी जी पू0 मुख्यमंत्री उत्तराखंड, श्रीमती मनोरमा शर्मा जी तत्कालीन मेयर, मा0 श्री गणेश जोशी जी वर्तमान विधायक द्वारा मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि के रूप मे उपस्थित होकर कूर्माञ्चल भवन का शिलान्यास किया गया। 

कूर्माञ्चल भवन निर्माण मेन प्रारम्भ से ही तकनीकी समिति के सदस्य के रूप में इ0 श्री लोहानी जी, सेवानिवृत (एस0 इ0)। इ0 चंद्रशेखर उप्रेती, सेवा निवृत अधिशासी अभियंता , इ0 श्री सुरेश चन्द्र पंत, अधिशासी अभियंता, इ0 श्री देवेंद्र शाह, सहायक अभियंता, भवन निर्माण समिति के संयोजक श्री गोविंद बल्लभ पांडे के अथक प्रयासों से भव्य कूर्माञ्चल भवन की नींव व अन्य निर्माण कार्य सफल हो सका। 

भवन के ऊपरी मंजिल में आगंतुकों हेतु ठहरने के लिए कमरों, सभाकक्ष, किचन, शौचली, कार्यालय आदि कक्षो का प्रस्ताव मानचित्र में किया गया है। 

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